डेक क्रेनडेक क्रेन जहाजों पर माल लादने और उतारने के लिए इस्तेमाल होने वाले आवश्यक उपकरण हैं। दुर्घटनाओं और चोटों से बचने के लिए इनका सुरक्षित संचालन बेहद ज़रूरी है। डेक क्रेन से जुड़े कुछ प्रमुख सुरक्षा उपाय और विशेषताएं इस प्रकार हैं:
नियमित निरीक्षण और रखरखाव:
नियमित जांच: क्रेन के पुर्जों में किसी भी प्रकार की टूट-फूट, जंग लगने या क्षति की पहचान करने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाना चाहिए।
नियमित रखरखाव: रखरखाव अनुसूची का पालन करने से यह सुनिश्चित होता है कि सभी पुर्जे अच्छी कार्यशील स्थिति में हैं और किसी भी संभावित समस्या का तुरंत समाधान किया जाता है।
लोड टेस्टिंग:
आवधिक भार परीक्षण: क्रेनों की भार परीक्षण प्रक्रिया से गुजरना आवश्यक है ताकि उनकी भार वहन क्षमता को सत्यापित किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अधिकतम निर्धारित भार को सुरक्षित रूप से संभाल सकें।
ओवरलोड सुरक्षा: क्रेन को उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक भार उठाने से रोकने के लिए सिस्टम मौजूद होने चाहिए।
सुरक्षा उपकरण:
लिमिट स्विच: ये क्रेन को उसकी निर्धारित गति सीमा से आगे बढ़ने से रोकते हैं, जिससे संभावित टक्कर या संरचनात्मक क्षति से बचा जा सकता है।
आपातकालीन स्टॉप बटन: आसानी से उपलब्ध आपातकालीन स्टॉप बटन ऑपरेटरों को आपात स्थिति में क्रेन संचालन को तुरंत रोकने की अनुमति देते हैं।
एंटी-टू ब्लॉक डिवाइस: ये हुक ब्लॉक को बूम टिप में फंसने से रोकते हैं, जिससे नुकसान या दुर्घटना हो सकती है।
ऑपरेटर प्रशिक्षण:
योग्य कर्मी: केवल प्रशिक्षित और प्रमाणित ऑपरेटरों को ही डेक क्रेन चलाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
सतत प्रशिक्षण: संचालकों को सुरक्षा प्रोटोकॉल और परिचालन प्रक्रियाओं के बारे में अद्यतन जानकारी देने के लिए नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाने चाहिए।
सुरक्षित संचालन प्रक्रियाएँ:
संचालन-पूर्व जांच: संचालकों को यह सुनिश्चित करने के लिए संचालन-पूर्व जांच करनी चाहिए कि सभी नियंत्रण और सुरक्षा उपकरण सही ढंग से कार्य कर रहे हैं।
स्पष्ट संचार: गतिविधियों के समन्वय और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्रेन ऑपरेटर और जमीनी कर्मियों के बीच प्रभावी संचार महत्वपूर्ण है।
मौसम संबंधी सावधानियां: खराब मौसम की स्थिति में, जैसे कि तेज हवाएं या समुद्र में ऊंची लहरें, संचालन रोक देना चाहिए, क्योंकि ये क्रेन की स्थिरता और सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं।
भार प्रबंधन:
उचित रिगिंग: यह सुनिश्चित करें कि भार को ठीक से रिग किया गया हो और संतुलित किया गया हो ताकि उठाने के दौरान वह हिलने या गिरने से बच सके।
सुरक्षित कार्यभार (एसडब्ल्यूएल): क्रेन के सुरक्षित कार्यभार (एसडब्ल्यूएल) से कभी भी अधिक भार न डालें, और भार उठाते समय भार को प्रभावित करने वाले गतिशील बलों पर हमेशा विचार करें।
सुरक्षा संबंधी संकेत और अवरोधक:
चेतावनी चिह्न: क्रेन संचालन क्षेत्र के आसपास स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले चेतावनी चिह्न लगाए जाने चाहिए ताकि कर्मचारियों को संभावित खतरों के बारे में सचेत किया जा सके।
भौतिक अवरोध: अनधिकृत कर्मियों को क्रेन संचालन क्षेत्र से बाहर रखने के लिए अवरोधों का उपयोग करें।
आपातकालीन तैयारियां:
आपातकालीन प्रक्रियाएं: निकासी योजनाओं और प्राथमिक चिकित्सा उपायों सहित स्पष्ट आपातकालीन प्रक्रियाएं मौजूद होनी चाहिए।
बचाव उपकरण: सुनिश्चित करें कि दुर्घटना की स्थिति में उपयुक्त बचाव उपकरण उपलब्ध और सुलभ हों।
प्रलेखन और अभिलेखन:
रखरखाव लॉग: सभी निरीक्षणों, रखरखाव और मरम्मत का विस्तृत रिकॉर्ड रखें।
ऑपरेशन लॉग: क्रेन संचालन के लॉग बनाए रखें, जिसमें किसी भी घटना या दुर्घटना के होते-होते बचने की स्थिति शामिल हो, ताकि जोखिमों की पहचान करने और उन्हें कम करने में मदद मिल सके।
इन सुरक्षा उपायों का पालन करके, डेक क्रेन संचालन से जुड़े जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है, जिससे इसमें शामिल सभी कर्मियों के लिए एक सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित होता है।

पोस्ट करने का समय: 14 सितंबर 2024



